Publicidade

Salmos 18

िशक िे. हववक रचना. यह हवमनजब हवउनकशततथऊल आकरमण बचिा. कहा:

1 हव, मर, ैं आपसकरतूं.

2 हवचट, गढऔर ़ाैं;

परमवर, िचटैं, िनमें ैं आसरूं,

वह और उदीं, वह गढ़.

3 ैं हवूं, िवहि ैं,

और ैं शतटकूं.

4 लहरों ें िा;

पर िरहा.

5 अधउलझिा;

ैं आमने-मनगया.

6 अपनदनें ैंहवी;

ैंअपनपरमवर ा.

अपनिें उनोंआवी,

उनकों ें पड़ा.

7 लकर ांपनलगी,

पह़ों ींथरथरउठी;

और ांपनलगी. ोंि रभे.

8 उनकनथों उठ रहा;

उनकआग चट करतरही,

उसनयलों दहकरखा.

9 उनोंआकशमडल और उतर आए;

उनकों घनधका.

10 वह करपर चढकर उडगए;

वह हवों पर चढकर उडगये!

11 उनोंधकओढिा, वह उनकबन गया,

घने-वरें ि.

12 उनकउपसिि ओलों

और िजलिां आगबढरहे.

13 वरहवगरजन

और परम रधअपनशब.

14 उनों़े और उनें िखरिा,

िजलिों उनकउखि.

15 हवरते,

नथों उनकांों

गर जलमिलगे;

ें गईं.

16 उनोंवरबढ़ाकर िा;

रबल जल रवउनोंहर ििा.

17 उनोंरबल शतिा,

उनसे, िें झसी, झसकहीं अधिशकिे.

18 कट िउनोंपर आकरमण कर िा,

िंसहयतहवें मगन ी.

19 वह पर आए;

झसअपनरसन्‍नतरण उनों़ाै.

20 भलअनहवरतिफल िै;

ों वचछतअनउनोंईनिै.

21 ैं हविों लन करतरहूं;

ैंपरमवर िनहीं िै.

22 उनकियम िमनबनरही;

उनकियमों ैं कभिचलिनहीं .

23 ैं उनकमनिबनरहा,

झसरहा.

24 इसलिहवभलअनरतिफल िै,

उनकनजों ें ों धतअन.

25 सचों रति आप वयिसयिैं,

ियकि पर आप वयिरकट करतैं.

26 वह, िमल ै, उस पर अपनिमलतरकट करतैं,

ियकि पर आप अपनचतरतरगट करतैं.

27 आप िनमरकरदकरतैं,

िंआप उनककर ैं, िनकें अहचढ़ी ैं.

28 हव, आप पक जलरहिे,

परमवर, आप धकिमय कर ैं.

29 जब आप ओर ैं, ैं टककर सकतूं;

परमवर रण ैं तक ांसकतूं.

30 यह वह परमवर ैं, िनकिां खरैं:

हववचन;

अपनसभशरणगतों िवह बन ैं.

31 ोंि हवअलपरमवर ै?

और हमपरमवर अलचटै?

32 वहपरमवर मजबआसरैं;

वह ियकि अपनपर चलैं.

33 उनीं ांों िरण ांों समबनिै;

ों पर वह रकैं.

34 वह ों ि

रशििकरतैं;

अब ांें ांधनइसकर ैं.

35 आपनउदरदै,

आपकां ै;

आपकयतमहिरदै.

36 ांों िआपऩा िै,

इसमें पगों ििसलन नहीं ै.

37 ैंअपनशतकर उनें कर िै;

जब तक तरह गए ैं टकर नहीं आया.

38 ैंउनें ऐसचल िि िउठसकें;

ों ें िे.

39 आपनिआवशयक शकि भर िा;

आपनउनें, िउठ खड़े े, मनिा.

40 आपनशतिकर गनपर िवश कर िा, िे.

ैंउनें नषकर िा.

41 उनोंमदद िा, मगर उनकरकिआया.

उनोंहवी, मगर उनोंउनें उततर िा.

42 ैंउनें ऐसचलि पवन ें उडगए;

ैंउनें चडसमअपनों ौंा.

43 आपनसजिों उठकलह टकिै;

आपनों पर सबसऊपर बनरखा;

अब कर रहैं, िनसैं तरह अपरििूं.

44 िउपसिि ें तरह यवहकरतआए;

उनें िषय ें , रति आजगए.

45 ििों मनबल रहा;

ांपतअपनगढ़ों हर गए.

46 िैं हव! धनैं चट!

टकचट, परमवर रतििों!

47 परमवर, िोंरतिफल िबदलिा,

और जनतअधकर िा.

48 शतकरतैं,

आप शतऊपर िै;

आप िंसक ों रकै.

49 इसलिे, हव, ैं ों मनआपकि करूंा;

आपकणगकरूंा.

50 "अपनिवहैं टका;

अपनअभििपर और उनकशजों पर,

वह हमअपरकट करतरहतैं."

Veja também

Publicidade
Bíblia Online Bíblia Online

Bíblia Online • Versão: 2026-06-28_14-13-17-