1 परमेश्वर हमारे आश्रय-स्थल एवं शक्ति हैं,
संकट की स्थिति में सदैव उपलब्ध सहायक.
2 तब हम भयभीत न होंगे, चाहे पृथ्वी विस्थापित हो जाए,
चाहे पर्वत महासागर के गर्भ में जा पड़ें,
1 परमेश्वर हमारे आश्रय-स्थल एवं शक्ति हैं,
संकट की स्थिति में सदैव उपलब्ध सहायक.
2 तब हम भयभीत न होंगे, चाहे पृथ्वी विस्थापित हो जाए,
चाहे पर्वत महासागर के गर्भ में जा पड़ें,