5 परमेश्वर अपने पवित्र आवास में अनाथों
के पिता तथा विधवाओं के रक्षक हैं.
6 वह एकाकियों के लिए स्थायी परिवार निर्धारित करते
तथा बंदियों को मुक्त कर देते हैं तब वे हर्ष गीत गाने लगते हैं;
किंतु हठीले तपते, सूखे भूमि में निवास करने के लिए छोड़ दिए जाते हैं.