Pular para o conteúdo
Publicidade

स्तोत्र 73:2,3,16,17

OHSS Hindi Contemporary Version

2 वैसे मैं लगभग इस स्थिति तक पहुंच चुका था;

कि मेरे पैर फिसलने पर ही थे, मेरे कदम लड़खड़ाने पर ही थे.

3 मुझे दुर्जनों की समृद्धि से डाह होने लगी थी

क्योंकि मेरा ध्यान उनके घमंड पर था.

16 मैंने इस मर्म को समझने का प्रयास किया,

तो यह अत्यंत कठिन लगा.

17 तब मैं परमेश्वर के पवित्र स्थान में जा पहुंचा;

और वहां मुझ पर दुष्टों की नियति का प्रकाशन हुआ.

Em outras traduções

  1. HSB Hindi Standard Bible

    2 परंतु मेरे पैर तो लड़खड़ाने पर थे;

    मेरे कदम फिसलने पर थे।

    3 क्योंकि जब मैंने दुष्‍टों को फलते-फूलते देखा,

    तो उन घमंडियों के प्रति

    ईर्ष्या से भर उठा।

    16 जब मैंने सोचा कि इसे कैसे समझूँ,

    तो यह मेरी दृष्‍टि में

    तब तक कठिन समस्या बनी रही,

    17 जब तक कि मैंने परमेश्‍वर के

    पवित्रस्थान में जाकर

    उन लोगों के परिणाम को न समझ लिया।

  2. IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019

    2 मेरे डग तो उखड़ना चाहते थे,

    मेरे डग फिसलने ही पर थे।

    3 क्योंकि जब मैं दुष्टों का कुशल देखता था,

    तब उन घमण्डियों के विषय डाह करता था।

    16 जब मैं सोचने लगा कि इसे मैं कैसे समझूँ,

    तो यह मेरी दृष्टि में अति कठिन समस्या थी,

    17 जब तक कि मैंने परमेश्वर के पवित्रस्थान में जाकर

    उन लोगों के परिणाम को न सोचा।

Direitos das traduções citadas

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.