आसफ का मसकील
1 मेरी प्रजा, मेरी शिक्षा पर ध्यान दो;
जो शिक्षा मैं दे रहा हूं उसे ध्यान से सुनो.
2 मैं अपनी शिक्षा दृष्टान्तों में दूंगा;
मैं पूर्वकाल से गोपनीय रखी गई बातों को प्रकाशित करूंगा—
3 वे बातें जो हम सुन चुके थे, जो हमें मालूम थीं,
वे बातें, जो हमने अपने पूर्वजों से प्राप्त की थीं.
4 याहवेह द्वारा किए गए स्तुत्य कार्य,
जो उनके सामर्थ्य के अद्भुत कार्य हैं,
इन्हें हम इनकी संतानों से गुप्त नहीं रखेंगे;
उनका लिखा भावी पीढ़ी तक किया जायेगा.