Pular para o conteúdo
Publicidade

स्तोत्र 91

11 ोंि वह अपनवरगदों हर एक

गतििि ें रकआदेंे;

12 ें अपनों ें उठेंे,

ि कहीं ांपतथर कर लग .

Veja também