4 मंऐं मांगअ बिधाता का एक्कै बरदान,
हुंह च़ाहा सिधअ इहअ कि
मुंह रहणअ सारी ज़िन्दगी बिधाते घअरै,
ताकि हुंह तिधी कबल्ली बिधाते महान भलाई भाल़ूं
अर बिधाता का हर बगत सलाह मांगूं।
5 ज़ेभै मुंह आफ़त पल़े, तेभै हणअ सह मेरअ आसरअ,
तेऊ डाहणअ हुंह आपणैं घअरै राज्ज़ी-राम्बल़अ अर
तेऊ डाहणअ हुंह बडी टोल्हा प्रैंदै बच़ाऊई।