12 तम्हां मांझ़ै ज़ुंण बी मणछ आपणीं ज़िन्दगी राज्ज़ी-मौज़ी च़ाहा कि
थारी अमर लाम्मी होए, अर तेथ थारअ भलअ होए?
13 तै निं आपणीं ज़िभा का कधि बूरअ बोली,
नां आपणैं होठा का झ़ुठअ बोली।
12 तम्हां मांझ़ै ज़ुंण बी मणछ आपणीं ज़िन्दगी राज्ज़ी-मौज़ी च़ाहा कि
थारी अमर लाम्मी होए, अर तेथ थारअ भलअ होए?
13 तै निं आपणीं ज़िभा का कधि बूरअ बोली,
नां आपणैं होठा का झ़ुठअ बोली।