16 धर्मीं ज़िन्दगी ज़िऊई गरीब रहणअ आसा
पाप करी सेठ हणैं का भलअ।
17 किल्हैकि बिधाता करनै कदुष्ट मणछे ज़ोर-ज़ाहण खतम,
पर धर्मीं मणछे करनी तेऊ फाज़त।
16 धर्मीं ज़िन्दगी ज़िऊई गरीब रहणअ आसा
पाप करी सेठ हणैं का भलअ।
17 किल्हैकि बिधाता करनै कदुष्ट मणछे ज़ोर-ज़ाहण खतम,
पर धर्मीं मणछे करनी तेऊ फाज़त।