मज़त करना लै अरज़गाज़ै-बाज़ै आल़ेए सैणैं लै राज़ै दाबेदो भज़न1 हुंह डाहा सबर, संघा रहा ताह बिधाता न्हैल़अ लागी, तूह हेरा मेरी लेर-पकार शूणीं।
मज़त करना लै अरज़गाज़ै-बाज़ै आल़ेए सैणैं लै राज़ै दाबेदो भज़न1 हुंह डाहा सबर, संघा रहा ताह बिधाता न्हैल़अ लागी, तूह हेरा मेरी लेर-पकार शूणीं।