बधाना लै झ़ूरनअ
97 हुंह झ़ूरा तेरै बधाना लै खास्सअ!
हुंह रहा सारी धैल़ी तेते ई बारै सोठदअ लागी।
98 हर बगत रहा मेरै दिलै तेरै हुकम अर
तेता करै हआ हुंह आपणैं दुशमणा का खास्सअ अक्ली आल़अ।
99 मुंह आसा आपणैं सोभी गूरू का बी खास्सी समझ़,
किल्हैकि हुंह डाहा तेरी गल्ला दी आपणअ धैन-मन्न लाई।