2 हे बिधाता, मेरी अरज़ शुण! मुंह बच़ाऊ छ़ेक्कै, तूह बण मुल्है मेरी शरण लणें बडी टोल्ह अर इहअ गहल़ ज़िधी हुंह बच़ी सका।
2 हे बिधाता, मेरी अरज़ शुण! मुंह बच़ाऊ छ़ेक्कै, तूह बण मुल्है मेरी शरण लणें बडी टोल्ह अर इहअ गहल़ ज़िधी हुंह बच़ी सका।