पाप माफी लै अरज़
गाज़ै-बाज़ै आल़ेए सैणैं लै राज़ै दाबेदो भज़न ज़धू नातान गूर तेऊ सेटा लै इहअ खोज़दअ आअ कि बेतशेबा संघै रही किअ तंऐं पाप।
1 हे बिधाता, मुल्है दै जश,
किल्हैकि तूह झ़ूरा मुल्है सदा।
आपणीं महान झींण करी कर
तूह मेरै पाप दूर।
2 मेरी बूराई कर पठी खतम अर
तूह कर मुंह मेरै पापा का शुचअ।