13 शरीर किस लिए ख़ुदा की नाक़द्री करता है
और अपने दिल में कहता है कि तू पूछताछ ना करेगा?
14 तूने देख लिया है क्यूँकि तू शरारत और बुग्ज़ देखता है ताकि अपने हाथ से बदला दे।
बेकस अपने आप को तेरे सिपुर्द करता है तू ही यतीम का मददगार रहा है।
13 शरीर किस लिए ख़ुदा की नाक़द्री करता है
और अपने दिल में कहता है कि तू पूछताछ ना करेगा?
14 तूने देख लिया है क्यूँकि तू शरारत और बुग्ज़ देखता है ताकि अपने हाथ से बदला दे।
बेकस अपने आप को तेरे सिपुर्द करता है तू ही यतीम का मददगार रहा है।