17 लेकिन ख़ुदावन्द की शफ़क़त उससे डरने वालों पर अज़ल से हमेशा तक,
और उसकी सदाक़त नसल — दर — नसल है
18 या’नी उन पर जो उसके 'अहद पर क़ाईम रहते हैं,
और उसके क़वानीन पर 'अमल करनायाद रखते हैं।
17 लेकिन ख़ुदावन्द की शफ़क़त उससे डरने वालों पर अज़ल से हमेशा तक,
और उसकी सदाक़त नसल — दर — नसल है
18 या’नी उन पर जो उसके 'अहद पर क़ाईम रहते हैं,
और उसके क़वानीन पर 'अमल करनायाद रखते हैं।
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