28 तब वह अपनी मुसीबत में ख़ुदावन्द से फ़रियाद करते है
और वह उनको उनके दुखों से रिहाई बख़्शता है।
29 वह आँधी को थमा देता है, और लहरें ख़त्म हो जाती हैं।
30 तब वह उसके थम जाने से ख़ुश होते हैं,
यूँ वह उनको बन्दरगाह — ए — मक़सूद तक पहुँचा देता है।
28 तब वह अपनी मुसीबत में ख़ुदावन्द से फ़रियाद करते है
और वह उनको उनके दुखों से रिहाई बख़्शता है।
29 वह आँधी को थमा देता है, और लहरें ख़त्म हो जाती हैं।
30 तब वह उसके थम जाने से ख़ुश होते हैं,
यूँ वह उनको बन्दरगाह — ए — मक़सूद तक पहुँचा देता है।
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