1 मैं ख़ुदावन्द से मुहब्बत रखता हूँ क्यूँकि उसने मेरी फ़रियाद और मिन्नत सुनी है
2 चुँकि उसने मेरी तरफ़ कान लगाया,
इसलिए मैं उम्र भर उससे दू’आ करूँगा
1 मैं ख़ुदावन्द से मुहब्बत रखता हूँ क्यूँकि उसने मेरी फ़रियाद और मिन्नत सुनी है
2 चुँकि उसने मेरी तरफ़ कान लगाया,
इसलिए मैं उम्र भर उससे दू’आ करूँगा