89 ऐ ख़ुदावन्द! तेरा कलाम,
आसमान पर हमेशा तक क़ाईम है।
90 तेरी वफ़ादारी नसल दर नसल है;
तूने ज़मीन को क़याम बख़्शा और वह क़ाईम है।
89 ऐ ख़ुदावन्द! तेरा कलाम,
आसमान पर हमेशा तक क़ाईम है।
90 तेरी वफ़ादारी नसल दर नसल है;
तूने ज़मीन को क़याम बख़्शा और वह क़ाईम है।