13 क्यूँकि मेरे दिल को तू ही ने बनाया;
मेरी माँ के पेट में तू ही ने मुझे सूरत बख़्शी।
14 मैं तेरा शुक्र करूँगा, क्यूँकि मैं 'अजीबओ — ग़रीब तौर से बना हूँ।
तेरे काम हैरत अंगेज़ हैं मेरा दिल इसे खू़ब जानता है।
15 जब मैं पोशीदगी में बन रहा था,
और ज़मीन के तह में 'अजीब तौर से मुरतब हो रहा था,
तो मेरा क़ालिब तुझ से छिपा न था।
16 तेरी आँखों ने मेरे बेतरतीब माद्दे को देखा,
और जो दिन मेरे लिए मुक़र्रर थे, वह सब तेरी किताब में लिखे थे;
जब कि एक भी वुजूद में न आया था।