17 ऐ ख़ुदा! तेरे ख़याल मेरे लिए कैसे बेशबहा हैं।
उनका मजमूआ कैसा बड़ा है!
18 अगर मैं उनको गिनूँ तो वह शुमार में रेत से भी ज़्यादा हैं।
जाग उठते ही तुझे अपने साथ पाता हूँ।
17 ऐ ख़ुदा! तेरे ख़याल मेरे लिए कैसे बेशबहा हैं।
उनका मजमूआ कैसा बड़ा है!
18 अगर मैं उनको गिनूँ तो वह शुमार में रेत से भी ज़्यादा हैं।
जाग उठते ही तुझे अपने साथ पाता हूँ।