13 तेरी सल्तनत हमेशा की सल्तनत है,
और तेरी हुकूमत नसल — दर — नसल।
14 ख़ुदावन्द गिरते हुए को संभालता,
और झुके हुए को उठा खड़ा करता है।
13 तेरी सल्तनत हमेशा की सल्तनत है,
और तेरी हुकूमत नसल — दर — नसल।
14 ख़ुदावन्द गिरते हुए को संभालता,
और झुके हुए को उठा खड़ा करता है।