7 जो मज़लूमों का इन्साफ़ करता है;
जो भूकों को खाना देता है।
ख़ुदावन्द कैदियों को आज़ाद करता है;
8 ख़ुदावन्द अन्धों की आँखें खोलता है;
ख़ुदावन्द झुके हुए को उठा खड़ा करता है;
ख़ुदावन्द सादिक़ों से मुहब्बत रखता है।
9 ख़ुदावन्द परदेसियों की हिफ़ाज़त करता है;
वह यतीम और बेवा को संभालता है;
लेकिन शरीरों की राह टेढ़ी कर देता है।