6 ऐ ख़ुदा, मैंने तुझ से दुआ की है क्यूँकि तू मुझे जवाब देगा।
मेरी तरफ़ कान झुका और मेरी 'अर्ज़ सुन ले।
7 तू जो अपने दहने हाथ से अपने भरोसा करने वालों को उनके मुखालिफ़ों से बचाता है,
अपनी’अजीब शफ़क़त दिखा।
8 मुझे आँख की पुतली की तरह महफूज़ रख;
मुझे अपने परों के साये में छिपा ले,
9 उन शरीरों से जो मुझ पर ज़ुल्म करते हैं,
मेरे जानी दुश्मनों से जो मुझे घेरे हुए हैं।