6 अब मैं जान गया कि ख़ुदावन्द अपने मम्सूह को बचा लेता है;
वह अपने दहने हाथ की नजात बख़्श ताक़त से अपने पाक आसमान पर से उसे जवाब देगा।
7 किसी को रथों का और किसी को घोड़ों का भरोसा है,
लेकिन हम तो ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा ही का नाम लेंगे।
8 वह तो झुके और गिर पड़े;
लेकिन हम उठे और सीधे खड़े हैं।