2 ऐ मेरे ख़ुदा, मैंने तुझ पर भरोसा किया है,
मुझे शर्मिन्दा न होने दे:मेरे दुश्मन मुझ पर ख़ुशी न मनाएँ।
3 बल्कि जो तेरे मुन्तज़िर हैं उनमें से कोई शर्मिन्दा न होगा;
लेकिन जो नाहक़ बेवफ़ाई करते हैं वही शर्मिन्दा होंगे।
2 ऐ मेरे ख़ुदा, मैंने तुझ पर भरोसा किया है,
मुझे शर्मिन्दा न होने दे:मेरे दुश्मन मुझ पर ख़ुशी न मनाएँ।
3 बल्कि जो तेरे मुन्तज़िर हैं उनमें से कोई शर्मिन्दा न होगा;
लेकिन जो नाहक़ बेवफ़ाई करते हैं वही शर्मिन्दा होंगे।