6 ऐ ख़ुदावन्द, अपनी रहमतों और शफ़क़तों को याद फ़रमा;
क्यूँकि वह शुरू' से हैं।
7 मेरी जवानी की ख़ताओं और मेरे गुनाहों को याद न कर;
ऐ ख़ुदावन्द, अपनी नेकी की ख़ातिर अपनी शफ़क़त के मुताबिक मुझे याद फ़रमा।
6 ऐ ख़ुदावन्द, अपनी रहमतों और शफ़क़तों को याद फ़रमा;
क्यूँकि वह शुरू' से हैं।
7 मेरी जवानी की ख़ताओं और मेरे गुनाहों को याद न कर;
ऐ ख़ुदावन्द, अपनी नेकी की ख़ातिर अपनी शफ़क़त के मुताबिक मुझे याद फ़रमा।