1 ऐ ख़ुदावन्द, मैं तेरी तम्जीद करूँगा;
क्यूँकि तूने मुझे सरफ़राज़ किया है;
और मेरे दुश्मनों को मुझ पर खु़श होने न दिया।
2 ऐ ख़ुदावन्द मेरे ख़ुदा!,
मैंने तुझ से फ़रियाद की और तूने मुझे शिफ़ा बख़्शी।
3 ऐ ख़ुदावन्द, तू मेरी जान को पाताल से निकाल लाया है;
तूने मुझे ज़िन्दा रख्खा है कि क़ब्र में न जाऊँ।