4 ख़ुदावन्द की सिताइश करो,
ऐ उसके पाक लोगों!
और उसके पाकीज़गी को याद करके शुक्रगुज़ारी करो।
5 क्यूँकि उसका क़हर दम भर का है,
उसका करम उम्र भर का।
रात को शायद रोना पड़े पर सुबह को ख़ुशी की नौबत आती है।
4 ख़ुदावन्द की सिताइश करो,
ऐ उसके पाक लोगों!
और उसके पाकीज़गी को याद करके शुक्रगुज़ारी करो।
5 क्यूँकि उसका क़हर दम भर का है,
उसका करम उम्र भर का।
रात को शायद रोना पड़े पर सुबह को ख़ुशी की नौबत आती है।