Pular para o conteúdo
Publicidade

ज़बूर 32

1 रक वह िसकबख़्गई,

और िसकाँगया।

2 रक वह आदमिसकबदक़ुवनिें नहीं ा,

और िसकिें िनहीं।

3 जब ैं ़ारह

िभर करहनहडिाँ गई

4 ूँि िपर ा;

तरवट गरिों ु़बदल गईि

5 ैंमनअपनिऔर अपनबदकिा,

ैंकहा, ैं ़ुवनमनअपनइककरूँ

और ु’आफिा। ि

6 इसिहर नदऐसवक़्ें करजब िसकतै।

यक़ीनन जब आए उस तक नहीं पहुँा।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também