5 मैंने तेरे सामने अपने गुनाह को मान लिया और अपनी बदकारी को न छिपाया,
मैंने कहा, मैं ख़ुदावन्द के सामने अपनी ख़ताओं का इक़रार करूँगा
और तूने मेरे गुनाह की बुराई को मु’आफ़ किया। सिलाह
5 मैंने तेरे सामने अपने गुनाह को मान लिया और अपनी बदकारी को न छिपाया,
मैंने कहा, मैं ख़ुदावन्द के सामने अपनी ख़ताओं का इक़रार करूँगा
और तूने मेरे गुनाह की बुराई को मु’आफ़ किया। सिलाह