25 मैं जवान था और अब बूढ़ा हूँ तोभी मैंने सादिक़ को बेकस,
और उसकी औलाद को टुकड़े माँगते नहीं देखा।
26 वह दिन भर रहम करता है और क़र्ज़ देता है,
और उसकी औलाद को बरकत मिलती है।
25 मैं जवान था और अब बूढ़ा हूँ तोभी मैंने सादिक़ को बेकस,
और उसकी औलाद को टुकड़े माँगते नहीं देखा।
26 वह दिन भर रहम करता है और क़र्ज़ देता है,
और उसकी औलाद को बरकत मिलती है।