3 ख़ुदावन्द पर भरोसा कर, और नेकी कर;
मुल्क में आबाद रह, और उसकी वफ़ादारी से परवरिश पा।
4 ख़ुदावन्द में मसरूर रह,
और वह तेरे दिल की मुरादें पूरी करेगा।
5 अपनी राह ख़ुदावन्द पर छोड़ दे:
और उस पर भरोसा कर,
वही सब कुछ करेगा।
6 वह तेरी रास्तबाज़ी को नूर की तरह,
और तेरे हक़ को दोपहर की तरह रोशन करेगा।