1 मुबारक, है वह जो ग़रीब का ख़याल रखता है
ख़ुदावन्द मुसीबत के दिन उसे छुड़ाएगा।
2 ख़ुदावन्द उसे महफू़ज़ और ज़िन्दा रख्खेगा,
और वह ज़मीन पर मुबारक होगा।
तू उसे उसके दुश्मनों की मर्ज़ी पर न छोड़।
3 ख़ुदावन्द उसे बीमारी के बिस्तर पर संभालेगा;
तू उसकी बीमारी में उसके पूरे बिस्तर को ठीक करता है।