1 जैसे हिरनी पानी के नालों को तरसती है,
वैसे ही ऐ ख़ुदा! मेरी रूह तेरे लिए तरसती है।
2 मेरी रूह, ख़ुदा की, ज़िन्दा ख़ुदा की प्यासी है।
मैं कब जाकर ख़ुदा के सामने हाज़िर हूँगा?
1 जैसे हिरनी पानी के नालों को तरसती है,
वैसे ही ऐ ख़ुदा! मेरी रूह तेरे लिए तरसती है।
2 मेरी रूह, ख़ुदा की, ज़िन्दा ख़ुदा की प्यासी है।
मैं कब जाकर ख़ुदा के सामने हाज़िर हूँगा?