3 क्यूँकि न तो यह अपनी तलवार से इस मुल्क पर क़ाबिज़ हुए,
और न इनकी ताक़त ने इनको बचाया;
बल्कि तेरे दहने हाथ और तेरी ताक़त
और तेरे चेहरे के नूर ने इनको फ़तह बख़्शी क्यूँकि तू इनसे ख़ुश था।
4 ऐ ख़ुदा! तू मेरा बादशाह है;
या’क़ूब के हक़ में नजात का हुक्म सादिर फ़रमा।