10 ऐ ख़ुदा! मेरे अन्दर पाक दिल पैदा कर,
और मेरे बातिन में शुरू' से सच्ची रूह डाल।
11 मुझे अपने सामने से ख़ारिज न कर,
और अपनी पाक रूह को मुझ से जुदा न कर।
12 अपनी नजात की शादमानी मुझे फिर’इनायत कर,
और मुस्त’इद रूह से मुझे संभाल।
10 ऐ ख़ुदा! मेरे अन्दर पाक दिल पैदा कर,
और मेरे बातिन में शुरू' से सच्ची रूह डाल।
11 मुझे अपने सामने से ख़ारिज न कर,
और अपनी पाक रूह को मुझ से जुदा न कर।
12 अपनी नजात की शादमानी मुझे फिर’इनायत कर,
और मुस्त’इद रूह से मुझे संभाल।