4 मैंने सिर्फ़ तेरा ही गुनाह किया है,
और वह काम किया है जो तेरी नज़र में बुरा है;
ताकि तू अपनी बातों में रास्त ठहरे,
और अपनी 'अदालत में बे’ऐब रहे।
4 मैंने सिर्फ़ तेरा ही गुनाह किया है,
और वह काम किया है जो तेरी नज़र में बुरा है;
ताकि तू अपनी बातों में रास्त ठहरे,
और अपनी 'अदालत में बे’ऐब रहे।