4 मैंने सिर्फ़ तेरा ही गुनाह किया है,
और वह काम किया है जो तेरी नज़र में बुरा है;
ताकि तू अपनी बातों में रास्त ठहरे,
और अपनी 'अदालत में बे’ऐब रहे।
5 देख, मैंने बदी में सूरत पकड़ी,
और मैं गुनाह की हालत में माँ के पेट में पड़ा।
6 देख, तू बातिन की सच्चाई पसंद करता है,
और बातिन ही में मुझे दानाई सिखाएगा।
7 ज़ूफ़े से मुझे साफ़ कर, तो मैं पाक हूँगा;
मुझे धो, और मैं बर्फ़ से ज़्यादा सफ़ेद हूँगा।
8 मुझे ख़ुशी और ख़ुर्रमी की ख़बर सुना,
ताकि वह हड्डियाँ जो तूने तोड़ डाली, हैं, ख़ुश हों।
9 मेरे गुनाहों की तरफ़ से अपना मुँह फेर ले,
और मेरी सब बदकारी मिटा डाल।