7 ज़ूफ़े से मुझे साफ़ कर, तो मैं पाक हूँगा;
मुझे धो, और मैं बर्फ़ से ज़्यादा सफ़ेद हूँगा।
8 मुझे ख़ुशी और ख़ुर्रमी की ख़बर सुना,
ताकि वह हड्डियाँ जो तूने तोड़ डाली, हैं, ख़ुश हों।
9 मेरे गुनाहों की तरफ़ से अपना मुँह फेर ले,
और मेरी सब बदकारी मिटा डाल।
10 ऐ ख़ुदा! मेरे अन्दर पाक दिल पैदा कर,
और मेरे बातिन में शुरू' से सच्ची रूह डाल।
11 मुझे अपने सामने से ख़ारिज न कर,
और अपनी पाक रूह को मुझ से जुदा न कर।
12 अपनी नजात की शादमानी मुझे फिर’इनायत कर,
और मुस्त’इद रूह से मुझे संभाल।