10 मेरा फ़ख़्र ख़ुदा पर और उसके कलाम पर है;
मेरा फ़ख़्र ख़ुदावन्द पर और उसके कलाम पर है।
11 मेरा भरोसा ख़ुदा पर है, मैं डरने का नहीं।
इंसान मेरा क्या कर सकता है?
10 मेरा फ़ख़्र ख़ुदा पर और उसके कलाम पर है;
मेरा फ़ख़्र ख़ुदावन्द पर और उसके कलाम पर है।
11 मेरा भरोसा ख़ुदा पर है, मैं डरने का नहीं।
इंसान मेरा क्या कर सकता है?