13 क्यूँकि तूने मेरी जान को मौत से छुड़ाया;
क्या तूने मेरे पाँव को फिसलने से नहीं बचाया,
ताकि मैं ख़ुदा के सामने ज़िन्दों के नूर में चलूँ?
13 क्यूँकि तूने मेरी जान को मौत से छुड़ाया;
क्या तूने मेरे पाँव को फिसलने से नहीं बचाया,
ताकि मैं ख़ुदा के सामने ज़िन्दों के नूर में चलूँ?
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