1 ऐ ख़ुदा, सिय्यून में ता’रीफ़ तेरी मुन्तज़िर है;
और तेरे लिए मिन्नत पूरी की जाएगी।
2 ऐ दुआ के सुनने वाले!
सब बशर तेरे पास आएँगे।
3 बद आ’माल मुझ पर ग़ालिब आ जाते हैं;
लेकिन हमारी ख़ताओं का कफ़्फ़ारा तू ही देगा।
1 ऐ ख़ुदा, सिय्यून में ता’रीफ़ तेरी मुन्तज़िर है;
और तेरे लिए मिन्नत पूरी की जाएगी।
2 ऐ दुआ के सुनने वाले!
सब बशर तेरे पास आएँगे।
3 बद आ’माल मुझ पर ग़ालिब आ जाते हैं;
लेकिन हमारी ख़ताओं का कफ़्फ़ारा तू ही देगा।