4 मुबारक है वह आदमी जिसे तू बरगुज़ीदा करता और अपने पास आने देता है,
ताकि वह तेरी बारगाहों में रहे।
हम तेरे घर की खू़बी से, या'नी तेरी पाक हैकल से आसूदा होंगे।
4 मुबारक है वह आदमी जिसे तू बरगुज़ीदा करता और अपने पास आने देता है,
ताकि वह तेरी बारगाहों में रहे।
हम तेरे घर की खू़बी से, या'नी तेरी पाक हैकल से आसूदा होंगे।