3 तू मेरे लिए ठहरने की चट्टान हो, जहाँ मैं बराबर जा सकूँ;
तूने मेरे बचाने का हुक्म दे दिया है,
क्यूँकि मेरी चट्टान और मेरा क़िला' तू ही है।
3 तू मेरे लिए ठहरने की चट्टान हो, जहाँ मैं बराबर जा सकूँ;
तूने मेरे बचाने का हुक्म दे दिया है,
क्यूँकि मेरी चट्टान और मेरा क़िला' तू ही है।