10 क्यूँकि तेरी बारगाहों में एक दिन हज़ार से बेहतर है।
मैं अपने ख़ुदा के घर का दरबान होना,
शरारत के खे़मों में बसने से ज़्यादा पसंद करूँगा।
10 क्यूँकि तेरी बारगाहों में एक दिन हज़ार से बेहतर है।
मैं अपने ख़ुदा के घर का दरबान होना,
शरारत के खे़मों में बसने से ज़्यादा पसंद करूँगा।