5 मुबारक है वह आदमी, जिसकी ताक़त तुझ से है,
जिसके दिल में सिय्यून की शाह राहें हैं।
7 वह ताक़त पर ताक़त पाते हैं;
उनमें से हर एक सिय्यून में ख़ुदा के सामने हाज़िर होता है।
5 मुबारक है वह आदमी, जिसकी ताक़त तुझ से है,
जिसके दिल में सिय्यून की शाह राहें हैं।
7 वह ताक़त पर ताक़त पाते हैं;
उनमें से हर एक सिय्यून में ख़ुदा के सामने हाज़िर होता है।