5 इसलिए कि तू या रब्ब, नेक और मु’आफ़ करने को तैयार है,
और अपने सब दुआ करने वालों पर शफ़क़त में ग़नी है।
5 इसलिए कि तू या रब्ब, नेक और मु’आफ़ करने को तैयार है,
और अपने सब दुआ करने वालों पर शफ़क़त में ग़नी है।
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