15 मुबारक है वह क़ौम, जो खु़शी की ललकार को पहचानती है,
वह ऐ ख़ुदावन्द, जो तेरे चेहरे के नूर में चलते हैं;
15 मुबारक है वह क़ौम, जो खु़शी की ललकार को पहचानती है,
वह ऐ ख़ुदावन्द, जो तेरे चेहरे के नूर में चलते हैं;
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