9 लेकिन तू ऐ ख़ुदावन्द, मेरी पनाह है।
तूने हक़ता’ला को अपना घर बना लिया है।
10 तुझ पर कोई आफ़त नहीं आएगी,
और कोई वबा तेरे ख़ेमे के नज़दीक न पहुँचेगी।
9 लेकिन तू ऐ ख़ुदावन्द, मेरी पनाह है।
तूने हक़ता’ला को अपना घर बना लिया है।
10 तुझ पर कोई आफ़त नहीं आएगी,
और कोई वबा तेरे ख़ेमे के नज़दीक न पहुँचेगी।