16 पर मुंह करनी तेरै ज़ोरे ज़ै-ज़ैकार,
तेरी अटल़ झ़ूरीए बोल़णीं मुंह दोत्ती धैल़ गिह।
किल्हैकि तूह आसा मुल्है उछ़टै गहल़ा ज़िहअ
ज़ेथ हुंह आफ़ते पलका शरण लआ।
16 पर मुंह करनी तेरै ज़ोरे ज़ै-ज़ैकार,
तेरी अटल़ झ़ूरीए बोल़णीं मुंह दोत्ती धैल़ गिह।
किल्हैकि तूह आसा मुल्है उछ़टै गहल़ा ज़िहअ
ज़ेथ हुंह आफ़ते पलका शरण लआ।